Tuesday, January 30, 2018

#Rajasthani #Traditional #FolkSong - #Chirmi - with #RavanHattha : B...

Have you heard about #RavanHattha? a string musical instrument but having a very unusual name? Ravan? it is a wonder how come such name was given to this instrument?

This is commonly used with #Rajasthani Folk Singing.

Here is a traditional song from our #Rangilo Rajasthan. When you entre Rajasthan we see ourselves surrounded with all kinds of vibrant colors. Different costumes full of colors, Turbans- Pag or Pagdi as I call it in UP, all are different in colors and even different styles. There are many versions of Turbans, Safa-Pagadi-Pags depending on regions of Rajsathan. As it happens in our traditional Indian Society even colors or dress code is different in various regions and sections of society. Even in America they had such differentiation.

The traditional songs reflect our daily life and various colors of Life. Have you seen Hindi film RUDALI? In our Indian traditions We have songs for occasions of sorrow? this is richness of our traditions. Same is said to be taught in Geeta or Mahabharat. As the soul the Atma never dies? it simply changes the Garb- that is body?

Fire cannot burn the Soul-Atma, nor any weapon can kill Aatma?

So these singers sing those songs that remind us of our own great traditional knowledge. We must hear, conserve them. before they die out? Just as a society, we have to help, patronize these art forms.



This reminds of Tradition of BHOPA and Bhopi singers in Rajasthan. They sing many songs in priase of lord also some fo the folk songs based on local stories that society has kept as treasure and passed on with Oral tradition. In India we have very rich Oral tradition of passing on knowledge from generation to generations.

'Sun Mhaari Surta' by Jamali Bai

Have you thought? as to how KABIR came to Desert of Rajasthan?

There are so many pearls in our society, but we have forgoten? As i said earlier our society has failed to recognise the real pearls of wisdom of our great Indian Heritage.

May be due to the Legacy of British Raaj? But time has come now to rethink about our own Indian Cultural roots? And Kabir is one among them.

See how Jamali Bai ji sang a Kabir thought. She belonged to a traditional singing community in interiors of Rajasthan. But how she got to sing Kabir? Such was our great vast empire of Indian Traditions. Eeven AdiShankaracharya Roamed around India and If i may say so he can be credited to be among those who tried to Unite our India.





'Mhaari Kaaya Ra Kartaar' sings Kashi Ba

We have failed as a society, that should have patronized such great talents among us?


A great heritage is being lost in front of us. They are common people and amongst us, from this- our own society only? they are not from out side. These are Pearls who have kept our traditions, Indian ethos alive since centuries.



Will you consider them educated or not? doesnt matter, they are part of our rich Indian heritage. A continuation of our Indian Philosophy. Our society has been living and continuing since centuries and such pearls had been apearing within our society, but very few have been recognised.


She refers to the Gorakhnath, Gorakh, even such singers sing about Kabir. Kabir has been famous for his simple approach towards anything and everything. He had not thought like a Pandit. For every thing every enet that happens in society, he applied logical mind and came out with a plausible question, Those questions many times became difficult to be answered by Pandits of that time. Some time i feel as in recent times we had seen Anna Hazare with a people's movement. He also raised few questions prevalent among our society. For that system the governance did not have any clear answer, thus his questioning became Anti-Establishment.

But in our daily Life such people like this Singer? how can we call her a singer? She is a lady living simple but hard life. From Morning to Night daily is a struggle to survive? She is selling fruit on streets but inside her heart she ahs great thinking. That has been propunded in Mahabhrata or Geeta or any name you want to give. That moto is live life do your duty? Ram is a giver? He gives?
Salute to such great people among us, but we have have blind eyes? like Dhritrasthtra?
She looks like a forgotten yester years Singer, now at this age is unable to sustain herself. In our Society those singers belonging to that community were looked dwon upon. In absence of Rich Patrons, Kings, Zamindars, Courts such women of yore suffered the most.
But yes waht she is singing she knows the meaning also. Have you noticed in these songs? But most of her surroundings (people) are ignorant about the verses and thier meanings. But She is at pains that there is no one to understand all this stuff. She must have been quite educated, as i feel. Education doesnt mean that she has got degrees? Kabir was not educated? Yet we sing his creations, even today? 

Me To MASTANA re, Gavri Devi Rav 2014,Neelam Live 2016

Gavri Devi, a Folk singer from Rajasthan hails from Pali District


Meme Khan is now famous singer from traditional singer community of Rajasthan. Few were know as Manganyar,  Langa
 

Gavri Devi

Gavri Devi





Mohan Bhatt now world famous Guitarist, of Grammy award fame, on guitar playing Rajasthani Music, the typical Maand





Kashi Bai is a fruit seller in street by the Day and in evening at home she is Bhajan Singer. I had posted few you tube links in earlier blog on her click to see. She is Hidden Gem of our Indian heritage, what else I could say?

Thursday, December 21, 2017

Harappa

https://googleweblight.com/i?u=https://www.thoughtco.com/the-dancing-girl-of-mohenjo-daro-171329&grqid=cnI96Lis&hl=en-IN

Sunday, December 10, 2017

दूसरे बड़े साहब IAS?

पहले मैंने लिखा था बड़े साहब  (click to read)

कई दिनों से सामने वाली बिल्डिंग में एक घर खाली पड़ा था। एक दिन अचानक देखा कि घर की सफाई शुरू हो गई। सारी खिड़कियां खोली गई । सारा कचरा निकाल के बाहर फेंक दिया गया। दूसरे दिन ताम झाम के साथ कुछ लोग आए और हर कमरे में अलग-अलग रंगों से पुताई होने लगी। खिड़कियों की मरम्मत शुरु हो गई। दो दिन तक यहीं कार्यक्रम चला फिर अचानक से कुछ आवाज आई जैसे की ड्रिल मशीन चल रही हो मैं समझ गया कि घर में जगह-जगह पर कीलो के लिए जगह बनाई जा रही है जहां कुछ भी टांगना लटकाना हो उसके लिए प्रयास हो रहा है। 
दरवाजों की मरम्मत भी हुई  एकदम नए बन गए और जो भी दीवारों पर टूट फूट हुई थी उसकी भी पूरी मरम्मत हो गई क्योंकि इसके बाद ही तो पुताई हुई होगी 
सारी खिड़कियों में नई प्लास्टिक की जाली लग गई। एक शाम को जब हम घर पहुंचे तो देखा कि उस घर में बड़ा ताला लगा हुआ था पर सारे घर की बत्तियां जली हुई थी कमरों में से चमकता हुआ प्रकाश बाहर झलक रहा था उस ओर मुंह करके देखने से ऐसा लग रहा था जैसे कि मानो मुझे चिढ़ा रहा हो ।

एक शाम को कुछ लोग उस घर को देखने के लिए आए तब पता चला कि यह तो ऊपर वाले घर में जो IAS साहब रहते हैं उनके ही जान पहचान के हैं क्योंकि वह दोनों परिवार एक साथ उस घर को देखने गए थे
  
कहां-कहां कमी हुई होगी सब देख के बाहर आए इसका मतलब कि इस घर में आने वाले सज्जन भी एक कोई बड़े साहब होएंगे।

हम तीसरी मंजिल पर रहते हैं तीन चार साल से इस घर मे रह रहे हैं और रोज कुछ न कुछ कोई न कोई परेशानी हो ही  जाती है। कभी रसोई में कभी गुसलखाने मे नल खराब हो जाता है कभी दूसरे गुसलखाने मे पानी ही नहीं आता है। और जब भी बरसात होती है तो घर के एक हिस्से में दीवारों से पानी टपकने लगता है
जहां हम खाना खाते हैं बैठकर उस कमरे में दीवाल से खिड़की की तरफ ढेरों पानी बहने लगता है
 बरसात  के  दिनो  मे इन  डिब्बो मे पनी भर भर कर फेक्ना  ही पूूूूरे  दिन चलता रह्ता ।

चोके के बगल में बाहर की बालकनी में तो छत में बड़े-बड़े छेद से दिखते हैं और झमाझम पानी गिरता है इसलिए उस बालकनी का प्रयोग कुछ भी सामान रखने में हम नहीं कर सकते हैं 

कुछ दिन पहले खिड़कियों में लकड़ी के फ्रेम लगाए गए थे और उनमें महीन  जाली भी लगाई गई शायद मच्छरों से बचाव के लिए क्योंकि यहां पर मलेरिया का प्रकोप बहुत है 
पर बीते दिनों में डेंगू चिकनगुनिया जैसे भी बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है एक तरफ यह अच्छा कदम है कि खिड़कियों में जाली लग जाने से मच्छर घर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे परंतु हमारे घर में जो लकड़ी के फ्रेम लगाए गए खिड़कियों में वैसे लगाए गए हैं कि खिड़की के चारों तरफ इतनी जगह छूट गई है कि उसमें से छिपकलियां कॉकरोच और  रेंगने वाले जीव बे रोक-टोक बेहिचक आ जा सकते हैं
चौके में आए दिन ढेर सारे कॉकरोच का आगमन हो जाता है उस समय बस झाड़ू लकड़ी या फिर हिट जोकि मच्छर मारने की दवा के रुप में प्रयोग किया जाता है
पर जाली लगने से कम से कम 95% मच्छरों में कमी आई है पर वहीं दूसरी तरफ कॉकरोच की जैसे बाढ़ आ गई हो उसको हम रोक नहीं सकते हैं
कई बार शिकायत करी पर कोई कार्य न हो सका ?! अब हमारी पत्नी ने खिड़कियों की उपर मोटी मोटी दरारों में छोटी लकड़ियां और सफेद सिमेंट के जरिए कीटों का रास्ता रोकने का प्रयास किया है !
एक दिन हमारे किचन में exhaust फैन लगा था उसको बनाने वाले आए थे उस दौरान ऑन ऑफ करने पर उसमें चिंगारियां निकलने लगी तदोपरांत वे लोग उसको खोल के ले गए और अब लगभग 3 साल होने को आया है हम अभी भी उसका इंतजार कर रहे हैं`।  je इंजीनियर के ऑफिस में/ दफ्तर में शिकायत दर्ज करवाई है लगातार कई बार मिलने के बाद दो अप्लीकेशन देने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।

हमारे घर में सारे दरवाजों में दीमक लगे हुए हैं।  24 घंटा दरवाजों से बुरादा सा गिरता रहता है और उसको इकट्ठा करना भी एक मुश्किल काम लग रहा है। दरवाजे के नीचे हमारी पत्नी ने कुछ कागज आदि लगाकर इकट्ठा करने का प्रयास किया है।  पर उन दरवाजों में जगह-जगह खोखला पन हो गया है जहां भी  छुआ जाता है तो और उसमें से मीट्टी गिरती है।
 पर हमारे घर के दरवाजों की कोई मरम्मत नहीं हुई है। इसलिए जब सामने वाले दोनो घरों में यह तथाकथित  बड़े साहब आए उनके आने के पहले ही सारे घर की मरम्मत कर दी गई जैसे कि एकदम नया घर हो।
रंगाई पुताई, दरवाजों की मरम्मत, खिड़कियों की मरम्मत, बिजली का व्यवस्था नल की व्यवस्था कर दी गई तो अपने ऊपर एक घृणा / छिड़क भाव उत्पन्न हो रहा है|  कि हम क्या हैं? एक मानव है या इन IAS या अधिकारियों के लिए कीड़े हैं?  क्या हम लोगों को घर में रहने का अधिकार नहीं है?  हमारे घर की मरम्मत आवश्यक नहीं है?  क्या हम लोग ऐसे ही टूटे फूटे घरों में रहने को मजबूर होंगे? और इंजीनियर साहब के पैर रगडे ? तब जाके हमारे घर की मरम्मत होगी?
कब  लोग  अपना  काम  ठीक  से करेंगे ?